नवधा भक्ति : भगवान को पाने के नौ आसान रास्ते
नवधा भक्ति : भगवान को पाने के नौ आसान रास्ते जानते हैं भगवान की नौ तरह से भक्ति के नाम और व्यावहारिक अर्थ - 1. संतो का सत्संग - संत यानि सज्जन या सद्गुणी की संगति। 2. ईश्वर के कथा-प्रसंग में प्रेम - देवताओं के चरित्र और आदर्शों का स्मरण और जीवन में उतारना। 3. अहं का त्याग - अभिमान, दंभ न रखना। क्योंकि ऐसा भाव भगवान के स्मरण से दूर ले जाता है। इसलिए गुरु यानि बड़ों या सिखाने वाले व्यक्ति को सम्मान दें। 4. कपट रहित होना - दूसरों से छल न करने या धोखा न देने का भाव। 5. ईश्वर के मंत्र जप - भगवान में गहरी आस्था, जो इरादों को मजबूत बनाए रखती है। 6. इन्द्रियों का निग्रह - स्वभाव, चरित्र और कर्म को साफ रखना। 7. प्रकृति की हर रचना में ईश्वर देखना - दूसरों के प्रति संवेदना और भावना रखना। भेदभाव, ऊंच नीच से परे रहना। 8. संतोष रखना और दोष दर्शन से बचना - जो कुछ आपके पास है उसका सुख उठाएं। अपने अभाव या सुख की लालसा में दूसरों के दोष या बुराई न खोजें। इससे आपवैचारिक दोष आने से सुखी होकर भी दु:खी होते है। जबकि संतोष और सद्भाव से ईश्वर और धर्म में मन लगता है। 9. ईश्वर में विश्वास - भगवान में अटूट विश्व...